राजा बंदर और रहस्यमयी जंगल


बहुत समय पहले की बात है। घने जंगल **“शेरवाना”** में सभी जानवर मिलजुल कर, प्रेम और विश्वास के साथ रहते थे। यह जंगल चारों ओर से ऊँचे-ऊँचे पेड़ों, रंग-बिरंगे फूलों, बहती नदियों और मीठी चहचहाहट से भरा रहता था। यहाँ हर सुबह पक्षियों के गीत से होती और हर शाम झींगुरों की मधुर ध्वनि से सजती थी।  

इस जंगल के राजा थे — **बंदरराज बोलू**। बोलू सिर्फ मज़ाकिया ही नहीं थे, बल्कि बहुत समझदार, निडर और न्यायप्रिय भी थे। उनकी लंबी फुर्तीली पूँछ और बड़ी तेज़ आँखें किसी भी खतरे को दूर से ही भाँप लेती थीं। जब भी जंगल में कोई समस्या आती, बोलू तुरंत समाधान ढूँढ लेते। इसी कारण छोटे-बड़े सभी जानवर उनका बहुत सम्मान करते थे।

### रहस्यमयी अफ़वाह
एक दिन जंगल में एक अजीब सी अफ़वाह फैल गई। कहा जाने लगा कि जंगल की गहरी घाटी के पार एक **रहस्यमयी जंगल** है, जहाँ जादुई फल उगते हैं। ये फल खाने वाले को ताकत, समझ और साहस देते हैं। इतना ही नहीं, वहाँ एक **सोने का पत्थर** भी छिपा है, जो सच्चे साहस और मित्रता की पहचान करता है।  

लेकिन वहाँ तक पहुँचने का रास्ता बेहद खतरनाक था। रास्ते में थी —
- एक **भूलभुलैया गुफा**, जहाँ दीवारें घूमती रहती थीं  
- एक **बर्फीली नदी**, जिसका पानी छूते ही शरीर सुन्न हो जाता  
- और सबसे खतरनाक, **शिकारी गिद्धों का झुंड**, जो आसमान से हमला करता  

इसी डर की वजह से कोई भी जानवर उस ओर जाने की हिम्मत नहीं करता था।

### राजा बोलू का निर्णय
जब यह बात राजा बोलू तक पहुँची, तो उनके चेहरे पर डर नहीं, बल्कि उत्साह झलक उठा। उन्हें चुनौतियाँ पसंद थीं। उन्होंने सोचा,  
“अगर हम डर के कारण आगे नहीं बढ़ेंगे, तो कभी सच्चाई नहीं जान पाएँगे।”  

बोलू ने तय किया कि वे एक छोटी लेकिन मजबूत टीम के साथ उस रहस्यमयी जंगल की खोज पर निकलेंगे। उन्होंने उन साथियों को चुना जो अलग-अलग गुणों में निपुण थे।

उनके साथ गए —
- 🐘 **गप्पू हाथी** — ताकतवर, विशाल शरीर वाला, लेकिन दिल से थोड़ा डरपोक  
- 🦉 **उल्लू मामा** — बुद्धिमान, अनुभवी और नक्शों के सच्चे मास्टर  
- 🦝 **चींटी रानी** — आकार में छोटी, लेकिन दिमाग से सबसे बड़ी और चतुर  

### 🚀 सफ़र की शुरुआत
अगली सुबह, सूरज की पहली किरण के साथ यह बहादुर टोली निकल पड़ी। रास्ते में सभी जानवर उन्हें शुभकामनाएँ दे रहे थे।  

कुछ दूर चलने के बाद वे पहुँचे **भूलभुलैया गुफा** के सामने। गुफा के भीतर अंधेरा था और दीवारें सच में घूमती हुई प्रतीत हो रही थीं। हर मोड़ पर रास्ता बदल जाता था। गप्पू हाथी डर के मारे काँपने लगा।  

तभी उल्लू मामा ने अपने पुराने नक्शे निकाले और ध्यान से उन्हें पढ़ा। उन्होंने सितारों की दिशा और हवा की चाल से सही रास्ता पहचाना। राजा बोलू ने सबको शांत रहने को कहा। चींटी रानी ने दीवारों पर छोटे-छोटे निशान बनाए ताकि वे रास्ता न भूलें। घंटों की मेहनत के बाद वे सुरक्षित गुफा से बाहर निकल आए।

### ❄️ बर्फीली नदी की परीक्षा
आगे रास्ते में उन्हें मिली **बर्फीली नदी**। पानी इतना ठंडा था कि उसमें गिरते ही जान जाना तय था। सब कुछ देर के लिए रुक गए।  

तभी गप्पू हाथी आगे बढ़ा। उसने अपने मजबूत पैरों को पानी में जमाया और पुल की तरह खड़ा हो गया। बाकी सभी जानवर उसकी पीठ पर चढ़कर नदी पार करने लगे।  

चींटी रानी ने रास्ते में पत्तियों और सूखी घास से छोटे-छोटे गर्म कोट बनाए ताकि किसी को ठंड न लगे। सभी ने मिलकर एक-दूसरे की मदद की और यह कठिन परीक्षा भी पार हो गई।

### 🦅 गिद्धों का खतरा
अब सबसे खतरनाक पड़ाव सामने था — **गिद्धों का इलाका**। आसमान में काले-काले गिद्ध चक्कर लगा रहे थे। जरा सी गलती जानलेवा हो सकती थी।  

राजा बोलू ने तुरंत एक योजना बनाई। उन्होंने अपने थैले से केले और आम निकाले और दूर-दूर फेंकने लगे। मीठे फलों की खुशबू से गिद्धों का ध्यान भटक गया। इसी मौके का फायदा उठाकर पूरी टोली चुपचाप वहाँ से निकल गई।

### 🌳 रहस्यमयी जंगल का रहस्य
कई कठिनाइयों के बाद आखिरकार वे **रहस्यमयी जंगल** पहुँच गए। वहाँ का दृश्य अद्भुत था। पेड़ों पर चमकते हुए फल लगे थे, जिनमें हर स्वाद था — चॉकलेट, आम, स्ट्रॉबेरी, शहद और न जाने क्या-क्या। हवा में एक अलग ही खुशबू थी।  

जंगल के बीचों-बीच एक पत्थर रखा था, जो सोने की तरह चमक रहा था। सब उसे देखकर आश्चर्य में पड़ गए।  

चींटी रानी ने ध्यान से पत्थर को देखा और कहा,  
“यह साधारण सोना नहीं है। यह **‘साहस का पुरस्कार’** है। यह सिर्फ उन्हीं को मिलता है जो डर को हराकर, दोस्तों के साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं।”

राजा बोलू ने वह पत्थर उठाया और कहा,  
“यह हमारी जीत नहीं, हमारी दोस्ती की जीत है।”

### वापसी और सीख
जब यह टोली जंगल लौटी, तो सभी जानवर खुशी से झूम उठे। राजा बोलू ने पूरी कहानी सुनाई और बताया कि असली ताकत अकेले नहीं, बल्कि **मिलजुल कर काम करने** में होती है।  

उस दिन के बाद शेरवाना जंगल में दोस्ती, साहस और एकता की मिसाल और भी मजबूत हो गई।

### 🌟 कहानी की सीख
👉 सच्चा साहस डर से भागना नहीं, बल्कि उसे मिलकर सामना करना है।  
👉 दोस्ती और समझदारी से हर मुश्किल आसान बन सकती है।  

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