राजा बंदर और रहस्यमयी जंगल
बहुत समय पहले की बात है। घने जंगल **“शेरवाना”** में सभी जानवर मिलजुल कर, प्रेम और विश्वास के साथ रहते थे। यह जंगल चारों ओर से ऊँचे-ऊँचे पेड़ों, रंग-बिरंगे फूलों, बहती नदियों और मीठी चहचहाहट से भरा रहता था। यहाँ हर सुबह पक्षियों के गीत से होती और हर शाम झींगुरों की मधुर ध्वनि से सजती थी। इस जंगल के राजा थे — **बंदरराज बोलू**। बोलू सिर्फ मज़ाकिया ही नहीं थे, बल्कि बहुत समझदार, निडर और न्यायप्रिय भी थे। उनकी लंबी फुर्तीली पूँछ और बड़ी तेज़ आँखें किसी भी खतरे को दूर से ही भाँप लेती थीं। जब भी जंगल में कोई समस्या आती, बोलू तुरंत समाधान ढूँढ लेते। इसी कारण छोटे-बड़े सभी जानवर उनका बहुत सम्मान करते थे। ### रहस्यमयी अफ़वाह एक दिन जंगल में एक अजीब सी अफ़वाह फैल गई। कहा जाने लगा कि जंगल की गहरी घाटी के पार एक **रहस्यमयी जंगल** है, जहाँ जादुई फल उगते हैं। ये फल खाने वाले को ताकत, समझ और साहस देते हैं। इतना ही नहीं, वहाँ एक **सोने का पत्थर** भी छिपा है, जो सच्चे साहस और मित्रता की पहचान करता है। लेकिन वहाँ तक पहुँचने का रास्ता बेहद खतरनाक था। रास्ते में थी — - एक **भूलभुलैया...